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Aug 24, 2018

सोच बदले

सोच बदले 
  •  अगर आप उसी तरह सोचे, जिस तरह अमीर लोग सोचते हैं और वही काम करें जो अमीर लोग करते हैं, तो क्या आपको यकीन है कि आप भी अमीर बन सकते हो हैं? 
  •  अमीर लोग एक खास तरीके से सोचते हैं, और गरीब लोग बिल्कुल अलग तरीके से सोचते हैं। सोचने की इन तरीकों से उनके काम पर होते हैं और कामों से परिणाम तय होते हैं। 
  •  आप के लिए यह जान लेना अनिवार्य है कि सोचने और काम करने के आपको पुराने तरीके आप को ठीक वहां तक ले आए हैं, जहां आप इस वक्त हैं। 
  • अगर आप जीवन में ज्यादा ऊंचे स्तर पर पहुंचना चाहते हैं, तो आपको अपने सोचने के कुछ पुराने तरीकों को छोड़ना होगा और नए तरीकों को अपनाना होगा। परिणाम अंततः अपने आप सामने आ जाएंगे और आपको हैरान कर देंगे। 
  •  अगर आप फलों को बदलना चाहते हैं, तो पहले आपको जड़ों में बदलना होगा। अगर आप दिखाई देने वाली चीज को बदलना चाहते हैं, तो इसके पहले आपको अदृश्य चीजों को बदलना होगा। 
  •  हम एक साथ कम से कम चार अलग-अलग धरातल पर रहते हैं। यह चार कार्ड्रेन्ट है: भौतिक जगत, मानसिक जगत, भावनात्मक जगत और आध्यात्मिक जगत। ज्यादातर लोगों को इस बात का एहसास ही नहीं होता है कि भौतिक धरातल तो बाकी तीनों कार्ड्रेन्ट का सिर्फ "प्रिंटआउट" है। 
  • आपकी प्रोग्रामिंग(Programming) आपको विचारों(Thoughts) को उत्पन्न करती है, आपको विचार हो आपकी भावनाओं (Feelings)को उत्पन्न करते हैं, आपकी भावनाएं आपके कार्यों (Actions) को उत्पन्न करती है, आपके कार्य आपके परिणामों (Resuils)को उत्पन्न करते है। 
  •  हमारे दिमाग की प्रोग्रामिंग किस तरह होती है? हम जीवन के हर क्षेत्रों में, जिसमें धन भी शामिल है, तीन मूल तरीकों से प्रोग्रामिंग होते हैं - 

               1. शाब्दिक प्रोग्रामिंग :- आपने बचपन में क्या सुना था ? 

                2. मॉडलिंग (अनुसरण) :- आपने बचपन में क्या देखा था ? 

                 3. विशेष घटनाएं :- आपने बचपन में क्या अनुभव किया था ? 

  •  हम शाब्दिक प्रोग्रामिंग से शुरू करते हैं। बड़े होते समय आपने धन, दौलत और अमीर लोगों के बारे में क्या सुना था ? 

क्या आपने इस तरह की वाक्य सुने थे : 

पैसा ही हमारी बुराई की जड़ है। 

मुसीबत के समय के लिए पैसा बचाएं। 

अमीर लोग लालची होते हैं। 

अमीर लोग अपराधी होते हैं। 

पैसे कमाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। 

पैसा पेड़ों पर नहीं उगता है। 

आप एक साथ अमीर और आध्यात्मिक नहीं हो सकते। 

पैसा खुशी नहीं खरीद सकता। 

पैसा गंदा होता है। 

अमीर ज्यादा अमीर बनते जाते हैं और गरीब ज्यादा गरीब। 

पैसा हम जैसे लोगों के लिए नहीं है। 

हर कोई अमीर नहीं बन सकता। 

पैसा कभी प्रयाप्त नहीं रहता है। 

हम इसका खर्च नहीं उठा सकते। 

          यही असली मुद्दा है आपने पैसे के बारे में बचपन में जो भी सुना है, वह सब आपके अवचेतन मस्तिष्क के उस ब्लूप्रिंट में रहता है, जो आपके वित्तीय जीवन को चला रहा है। 

  •  जब अवचेतन मस्तिष्क को गहरी भावनाओं और तर्क में से किसी एक को चुनना होता है, तो भावनाएं लगभग हमेशा जीतेंगी। 

परिवर्तन के कदम 

        परिवर्तन के चार प्रमुख तत्व है। जिसमें से प्रत्येक आपके वित्तीय ब्लूप्रिंट की दोबारा प्रोग्रामिंग के लिए अनिवार्य है। यह तत्व साधारण लेकिन बहुत शक्तिशाली है। 

         परिवर्तन का पहला तत्व है जागरूकता (awareness) । आप किसी चीज को तब तक नहीं बदल सकते जब तक आपको इसके अस्तित्व का पता न हो। 

      परिवर्तन का दूसरा तत्व है समझ (understanding)। आपका सोचने का तरीका कहां उत्पन्न हुआ, यह समझने से आप यह जान सकते हैं कि बाहर आपको ऐसे परिणाम क्यों मिल रहे हैं। 

        परिवर्तन का तीसरा तत्व है अलगाव (disassociation)। जब आपको एहसास हो जाता है कि यह सोचने का तरीका आपका नहीं, किसी दूसरे का है तो आप खुद को उससे अलग कर सकते हैं और यह चुनाव कर सकते हैं कि उसे आगे जारी रखा जाय या छोड़ दिया जाए। इसके लिए आपको इस बात पर विचार करना होगा कि आप आज कहां है, और आने वाले कल में कहां पहुंचना चाहते हैं। आप सोचने की इस तरीके का निरीक्षण करके इसकी हकीकत देख सकते हैं। आप जान सकते हैं कि यह जानकारी कि ऐसी "फाइल" है, जो आपके दिमाग में बहुत पहले से रखी हुई है और हो सकता है कि अब वह सच्ची या महत्वपूर्ण न हो। 

परिवर्तन का चौथा तत्व रेकंडीशनिंग (reconditioning) है 

  •  तीन दोस्तों से बचें- 
1. दूसरों को दोषी ठहराना। 

2. खुद को सही ठहराना। 

3. शिकायत करना। 

  •  जब आप आदतन शिकायत करते हैं तो आप जीते-जागते कष्ट "आकर्षित करने वाले चुंबक" बन जाते हैं 
  •  "अगर आप सितारों पर निशाना साधते हैं तो आप कम से कम चांद पर निशाना लगा ही लेंगे।" गरीब लोग अपने मकान की छत पर भी निशाना नहीं साध पाते हैं और फिर इस बात पर हैरान होते हैं कि वह सफल क्यों नहीं हैं। 
  •  आप वही पाते हैं, जिसे पाने का सच्चा इरादा रखते हैं। अगर आप अमीर बनना चाहते हैं, तो आपका लक्ष्य अमीरी होना चाहिए, बिल चुकाने लायक या आरामदेह होने लायक पैसा नहीं। अमीर मतलब अमीर ! 
  •  दो वित्तीय लक्ष्य लिख ले, जो दोयमता या गरीबी के बजाय दौलत बनाने का इरादा दर्शाएं। "जीतने के लिए खेल" खेलने के अपने दो लक्ष्य लिख लें: 
                1. वार्षिक आय 

                 2. नेट वर्थ (कुल संपत्तियां) 

                 इन लक्ष्यों को यथार्थवादी समय सीमा में हासिल होने योग्य बनाएं। 

  •  अगर आप दौलतमंद बनने के लिए पूरी तरह और सचमुच अमर्पित नहीं है तो संभावनाएं हैं कि आप बन भी नहीं पाएंगे। 
  •  जब तक इंसान समर्पित नहीं है, तब तक झिझक है, पीछे हटने की संभावना है, हमेशा प्रभावहीनता है। 
  •  पहलशक्ति (और सृजन ) संबंधी सभी कार्यों में एक मूलभूत सच्चाई है, इसका अज्ञान असंख्य विचारों और बेहतरीन योग्ताओं का गला घटता है। जिस पर इंसान खुद को निश्चित रूप से समर्पित कर देता है, ब्रह्मांड भी उसकी मदद के लिए आगे आ जाता है। उस निर्णय से बहुत सी घटनाएं उत्पन्न होती है और व्यक्ति और अप्रत्याशित घटनाओं या मुलाकातों से हर तरह के भौतिक मदद मिलने लगती है, जिसकी कल्पना उसने सपने में भी नहीं की होगी। 
  •  आप बाजार के अनुसार जो मूल्य देते हैं, आपको उसी के अनुपात में भुगतान मिलेगा। 
  •  प्रमुख शब्द मूल्य है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि बाजार में आप के मूल्य को चार तत्व तय करते हैं: आपूर्ति, मांग, गुणवत्ता और मात्रा। मेरे अनुभव में जो तत्व ज्यादातर लोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती पेश करता है, वह है मात्रा। मात्रा(Quantity) के तत्व का मतलब आसान है, आप अपने कितने मूल्य बाजार तक सचमुच पहुंचाते हैं? उसे कहने का एक और तरीका है कि आप कितने लोगों की सेवा करते हैं? 
  •  लिख ले या लोगों के समूह के साथ विचार मंथन करें कि आप इस समय अपने काम या बिजनेस में जितने लोगों को प्रभावित करते हैं, उस से 10 गुना ज्यादा लोगों की समस्याएं को किस तरह सुलझा सकते हैं। कम से कम तीन अलग-अलग रणनीतियां बना ले। "लीवरेज" के बारे में सोचें। 
  •  खेल में उतर जाएं। उस काम या प्रोजेक्ट पर विचार करें, जिसे आप शुरू करना चाहते हैं। आप जिस चीज का इंतजार कर रहे हो, उसे भूल जाएं। आप जहाँ भी हो, आपके पास जो भी है, बस उसी से शुरू कर दे। अगर संभव हो, तो वह काम पहले किसी दूसरे के लिए या दूसरे के साथ कर ले, ताकि आपको उसका अनुभव मिल जाए। अगर आप पहले ही सीख चुके हैं, तो कोई बहाना नहीं चलेगा। बस शुरू कर दे ! 
  •  आशावाद का अभ्यास करें। आज जिसे लोग समस्या या बाधा कहते हैं, उसे अवसर में डाल दें। इससे नकारात्मक लोग पगला जाएंगे, लेकिन क्या फर्क पड़ता है ? वह तो वैसे ही पगला रहे हैं ! 
  • आपके पास जो है, उस पर ध्यान केंद्रित करें। आपके पास जो नहीं है, उस पर ध्यान केंद्रित ना करें। आप अपने जीवन में जिन चीजों के लिए कृतज्ञ है, उसमें से 10 चीजों की सूची बनाएं और उस सूची को जोर से पढ़ें। अगले 30 दिनों तक हर सुबह व सूची पढ़ें। अगर आप अपने पास मौजूद चीज के लिए कृतज्ञ नहीं है, तो आपको वह चीज ज्यादा नहीं मिलेगा और शायद आपके ज्यादा की जरूरत भी नहीं होगी। 
  •  "जिस चीज को आप पाना चाहते हैं उसे आशीष दें।" पत्रिकाओं में या घूमते-घामते हुए सुंदर मकान और शानदार कारों को देखे। सफल व्यवसायों के बारे में पढ़े। आप जिस चीज को भी पसंद करते हैं, उसे आशीष दे और इसके मालिक को भी आशीष दे। 
  •  क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर लोगों की आमदनी अपने सबसे करीबी दोस्तों की औसत आमदनी के 20% के भीतर होती है ? इसलिए बेहतर होगा कि आप इस बात पर सतर्क निगाह रखे कि आप किसके साथ रहते हैं और उन्हें सावधानी से चुने। 
  •  लाइब्रेरी, बुकस्टोर या इंटरनेट पर जाकर किसी बहुत अमीर और सफल व्यक्ति की जीवनी पढ़े। एंड्रयू कार्नेगी, जॉन डी रॉकफेलर, मैरी के, डोनाल्ड ट्रंप, वारेन बफ़ेट, जैक वेल्व, बिल गेट्स और डेट टर्नर उचित उदाहरण है। उनकी कहानी से प्रेरणा हासिल करें, सफलता की विशिष्ट रणनीतियां सीखें और सबसे महत्वपूर्ण बात, उनकी मानसिकता अपना लें। 
  •  किसी अच्छे क्लब में शामिल हो, जैसे टेनिस, हेल्थ, बिजनेस या गोल्फ क्लब। अमीर लोग के साथ अमीर के माहौल में घुले-मिले। या अगर आप ऊंचे लोग के क्लब में शामिल होने का फर्ज किसी भी तरह नहीं उठा सकते हैं, तो अपने शहर के अच्छे होटल में कॉफी या चाय पिए। इस माहौल में आरामदेह बने और वहां के ग्राहकों को देखकर इस बात पर ध्यान दें कि वे आपसे जरा भी अलग नहीं है। 
  •  अपने जीवन की नकारात्मक स्थितियों या व्यक्तियों को पहचाने। खुद को हर नकारात्मक स्थिति या व्यक्ति से दूर हटा लें। अगर ऐसा व्यक्ति आपके परिवार का सदस्य है, तो इसके आसपास कम रहने का चुनाव करें। 
  •  फालतू TV देखना बंद करें और बुरी खबरों से दूर रहें। 
  •  पुस्तकें पढ़ें। ऑडियो कैसेट और सीडी सुने। मार्केटिंग तथा सेल्स संबंधित कोर्स करें। इन दोनों क्षेत्रों में उस हद तक विशेषज्ञ बन जाए, जहां आप 100 प्रतिशत ईमानदारी के साथ सफलतापूर्वक अपने महत्व का प्रचार कर सकते हो। 
  •  जब आप किसी बड़ी समस्या के कारण विचलित महसूस कर रहे हो, तो खुद की ओर इशारा करके कहें "छोटा मैं छोटा मैं" फिर एक गहरी सांस लेकर खुद से कहें "मैं इस से निपट सकता हूं। मैं किसी भी समस्या से ज्यादा बड़ा हूं।" 
  •  अपने जीवन की एक समस्या लिख ले। 10 विशिष्ट कार्यों की सूची बनाएं, जो आप इसे सुलझाने या कम से कम स्थिति को सुधारने के लिए कर सकते हैं। इससे आप समस्या चिंतन के बजाय समाधान चिंतन की और पहुंच जाएंगे। पहली बात, इसकी अच्छी संभावना है कि आप समस्या को सुलझा लेंगे। दूसरी बात, इससे आप काफी बेहतर महसूस कर लेंगे। 
  •  उत्कृष्ट प्राप्तकर्ता बढ़ने का अभ्यास करें। जब कोई किसी तरह भी आपकी प्रशंसा करें तो हर बार यही कहे "धन्यवाद।" उस व्यक्ति को उसी समय वह प्रशंसा ना लौटाएं। प्रशंसा को पूरी तरह ग्रहण कर लें और लौटाया नहीं,जैसे ज्यादातर लोग करते हैं। इससे प्रशंसा करने वाले व्यक्ति का उपहार देने की खुशी मिलती है, क्योंकि आप उसे उसी की ओर वापस नहीं उछाल देते हैं। 
  •  आपको जो भी, और मेरा मतलब है, जो भी पैसा मिले, उसका जोश के साथ जश्न मनाना चाहिए। चिल्लाकर कहे "मैं पैसे का चुंबक हूं। धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद।" यह उस पैसे के लिए है जो आपको जमीन पर पड़ा मिलता है, जो आपको उपहार में मिलता है, जो आप को सरकार से मिलता है, जो आपको तनख्वाह के रूप में मिलता है और जो आपको अपने बिजनेस से मिलता है। याद रखें, ब्रह्मांड आपको आपकी मदद करने के लिए कृतसंकल्प है। अगर आप यह घोषणा करते रहेंगे कि आप पैसे के चुंबक है और खासकर अगर आपके पास इसका प्रमाण होगा, तो ब्रह्मांड सिर्फ यही कहेगी "ठीक है," और आपकी ओर ज्यादा पैसा भेज देंगे। 
  •  खुद को लाड़ करें। महीने में कम से कम एक बार खुद को और अपनी आत्मा को तृप्त करने के लिए कोई खास काम करें। मसाज, मेनिक्योर, पेडीक्योर करवाएं, खुद को आलीशान मंच या डिनर पर ले जाएं, नाव या वीकेएन्ड कॉटेज किराए पर ले। किसी से अपना नाश्ता बिस्तर पर बुलवाए। ऐसा काम करें जिससे आपको अमीर और हकदार महसूस करने की इजाजत मिले। एक बार फिर इस तरह के अनुभव से आप कंपन की जो ऊर्जा संप्रेषित करते हैं वह ब्रह्मांड को यह संदेश भेजेगी कि आप समृद्ध जीवन जीते हैं। यह संदेश पाकर ब्रह्मांड अपना काम करते हुए कहेगी "ठीक है" और आपकी और ज्यादा अवसर भेज देगा। 
  •  नेट वर्थ के चारों तत्वों पर ध्यान केंद्रित करें: अपनी आमदनी बढ़ाना, अपनी बचत बढ़ाना, अपनी निवेश बढ़ाना और अपनी जीवनशैली का सरलीकरण करके खर्च कम करना 
  •  नेट वर्थ स्टेटमेंट बनाएं। ऐसा करने के लिए आपके पास की हर चीज़ (अपनी संपत्तियों) का वर्तमान मूल्य लिख ले और इसमें से अपने सारे कर्ज (अपने दायित्व) हटा लें। इस स्टेटमेंट को हर तिमाही में देखें और दोबारा बनाएं। एक बार फिर, केंद्रित ध्यान के नियम द्वारा आप जिस चीज पर निगाह रखते हैं, वह बढ़ेगी। 
  •  अपना वित्तीय स्वतंत्रता खाता खोलें और अपनी 10% आमदनी( टैक्स के बाद) इस खाते में डालें। इस पैसे को कभी खर्च नहीं करना है, इसका तो सिर्फ निवेश करना है, ताकि अपना रिटायरमेंट के बाद निष्क्रिय आमदनी मिलता रहे। 
  •  अपने घर में एक वित्तीय स्वतंत्रता पात्र रख ले और हर दिन उसमें पैसे डालें। यह राशि 10 रुपया, 5 रुपया, 1 रुपया, एक सिक्का या आपकी सारी चिल्लर हो सकती है। एक बार फिर, इससे आपका ध्यान अपने वित्तीय स्वतंत्रता पर केंद्रित रहेगी और जिस चीज पर आपका ध्यान होगा, वही परिणाम नजर आएंगे। 
  •  प्ले अकाउंट खोलें या अपने घर में एक प्ले बॉक्स रखें जिससे आप अपनी आमदनी का 10% जमा करें। 
  • खर्च करने के लिए अपने दीर्घकालीन बचत खाता में 10 प्रतिशत। 
  • शिक्षा खाते में 10 प्रतिशत। 
  • दान खाते में 10 प्रतिशत। 
  • आपके पास जितना भी पैसा हो, उसी समय उसका प्रबंध शुरू कर दे। एक दिन भी इंतजार ना करें। भले ही आपके पास सिर्फ 100 रुपया हो, उसे भी अकाउंट में अपना प्रतिशत डाल दें। सिर्फ यह छोटा सा काम ही ब्रह्मांड को भेज देगी कि आप ज्यादा पैसे के लिए तैयार है। जाहिर है, अगर आप इससे ज्यादा पैसा प्रबंध कर सकते हो, तो अवश्य करें। 
  • शिक्षित बने। निवेश सेमिनारों में भाग ले, हर महीने कम से कम एक निवेश पुस्तक पढ़े। मनी, फोर्ब्स, बैरन्स, और वॉल स्ट्रीट जनरल जैसी पत्रिका पढ़े। मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि आप इन की सलाह माने। मैं तो यह सुझाव दे रहा हूं, कि आप वहां दिए गए वित्तीय विकल्पों से परिचित हो जाएं। फिर एक ऐसा क्षेत्र चुने, जिसमें आप विशेषज्ञ बनाना चाहते हो और उस क्षेत्र में निवेश शुरू कर दें। 
  •  अपना ध्यान "सक्रिय आमदनी" के बजाय "निष्क्रिय आमदनी" पर केंद्रित करें। कम से कम तीन विशिष्ट रणनीतियां बनायें, जिनके द्वारा आप बिना काम किए आमदनी पा सकते हो, चाहे ये निवेश के क्षेत्र में हो या बिजनेस के क्षेत्र में। शोध शुरू करें और फिर इन रणनीतियों पर अमल करें। 
  • रियल एस्टेट खरीदने के इंतजार ना करें। रियल एस्टेट खरीदे और फिर इंतजार करें। 
  • धन- दौलत के संबंध में अपनी तीन सबसे बड़ी चिंताओं, परेशानियों, या डरों की सूची बनाएं। उन्हें चुनौती दे। हर एक के सामने लिखे कि जिस स्थिति से आप डर रहे हो, अगर वह सचमुच आ जाए, तो आप क्या करोगे। क्या आप उसके बावजूद जिंदा बच पाएंगे ? क्या आप दोबारा वापसी कर सकते हैं? पूरी संभावना है कि जवाब हां होगा। अब चिंता छोड़ दे और अमीर बनना शुरू करें। 
  • अपने आरामदेह दायरे से बाहर निकालने का अभ्यास करें। जानबूझकर ऐसे निर्णय लें जो आपके लिए सुविधाजनक हो। ऐसे लोग से बात करें, जिनसे आप आमतौर पर बातचीत नहीं करते हैं, अपनी तनख्वाह बढ़ाने की मांग करें या अपने बिजनेस में अपनी कीमत बढ़ा दे, हर दिन एक घंटा जल्दी उठे, रात को प्राकृतिक वातावरण में घूमने जाएं। अनलाईटण्ड वारियर ट्रेनिंग ले। यह कोर्स आपको अजेय बना देगा। 
  • "सशक्त चिंतन" को अपनाए। खुद पर और अपने विचार तंत्र पर गौर करें। अपने मस्तिष्क में सिर्फ वही विचार रखे जो आपकी खुशी और सफलता में सहायक हो। आपके दिमाग की धीमी आवाज जब इस तरह की बात कहे, "मैं नहीं कर सकता", या "मैं नहीं करना चाहता" या "मेरा मन नहीं है" तो उसे चुनौती दे। इस डर पर आधारित, आराम पर आधारित आवाज को खुद पर हावी ना होने दें। खुद से वादा करें कि जब भी यह आवाज आपको कोई सफलता दिलाने वाला काम करने से रोकती है, तो आप उस काम को जरूर करेंगे, फिर अपने दिमाग को यह दिखाने के लिए कि बॉस वह नहीं, आप है। इससे ना सिर्फ आपका आत्मविश्वास नाटकीय रूप से पड़ेगा, बल्कि अंततः आवाज जान जाएगी। कि उसका आप पर बहुत कम प्रभाव है और धीरे-धीरे वह शांत हो जाएगी। 
  • अपने विकास का संकल्प लें। हर महीने कम से कम एक पुस्तक पढ़े, एक शैक्षणिक टिप या CD सुने। हर महीने धन, बिजनेस या व्यक्तिगत विकास पर एक सेमिनार में भाग लें। यह करके तो देखें ! आप का ज्ञान, आत्मविश्वास और सफलता आसमान छूने लगेगी। 
  • खुद को सही मार्ग पर रखने के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शक की सेवाएं लेने पर विचार करें। 
  • अगर आप सिर्फ आसान काम करने के इच्छुक है तो जिंदगी मुश्किल होगी, लेकिन अगर आप मुश्किल काम करने के इच्छुक है तो जिंदगी आसान होगी। 
  • आप दरअसल आरामदेह दायरे के बाहर रहकर ही अपना विकास कर सकते हैं। 
  • अपने मस्तिष्क का प्रशिक्षण और प्रबंध वह सबसे महत्वपूर्ण योग्यता है जो आप कभी भी सीख सकते हैं - ख़ुशी और सफलता के सन्दर्भ में। 
  • आप कैसे जानते हैं कि आप कोई चीज जानते हैं? आसान है। अगर आप उसे अपने जीवन में उतारते हैं तो आप जानते हैं। वरना आपने उसके बारे में सुना है, पढ़ा है या बातें की है, लेकिन आप उसे नहीं जानते हैं। साफ-साफ कहा जाए तो अगर आप सचमुच अमीर और खुश नहीं है तो इस बात की काफी संभावनाएं है कि आपको धन सफलता और जीवन के बारे में कुछ चीजें अब भी सीखनी है। 
  • सबसे अच्छा भुगतान पाने के लिए आपको सबसे अच्छा बनना पड़ेगा। 

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